धार, 04 नवंबर 2026। “पढ़ाई करके क्या करेगी, सिर्फ टाइम पास कर रही है”— पड़ोसी और सास-ससुर के इन तानों के बीच धार जिले की 25 साल की पिंकी ने हार नहीं मानी। 2013 में छूटी पढ़ाई को 2025 में अपने पति के सहयोग से दोबारा शुरू किया और 2026 में मध्य प्रदेश स्टेट ओपन स्कूल बोर्ड से 10वीं पास करके सबका मुंह बंद कर दिया। दो बच्चों की मां पिंकी अब एमपी पुलिस में शामिल होकर देश सेवा करना चाहती हैं
2013 में छूट गई थी पढ़ाई
पिंकी के परिवार में चार बहनें और एक भाई हैं। घर की आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण साल 2013 में उनकी पढ़ाई छूट गई थी। साल 2021 में उनकी शादी हो गई। आज उनकी 5 साल की एक बेटी और 3 साल का एक बेटा है। परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच पिंकी ने हार नहीं मानी और साल 2025 में फिर से अपनी पढ़ाई शुरू करने का फैसला किया।
सास-ससुर और पड़ोसियों ने मारे ताने, पर पति ने दिया साथ
पिंकी का यह सफर आसान नहीं था। जब उन्होंने दोबारा पढ़ाई करने की सोची, तो पड़ोसी और खुद उनके सास-ससुर उन्हें ताने मारते थे। उनका कहना था कि “अब पढ़ाई करके क्या करेगी, यह सिर्फ टाइम पास करने जा रही है।” लेकिन ऐसे समय में पिंकी के पति ने उनका पूरा साथ दिया। उनके पति किराने की दुकान चलाते हैं और उन्होंने हर कदम पर पिंकी की हिम्मत बढ़ाई।
खाना बनाते हुए की पढ़ाई
पिंकी को फिर से पढ़ाई से जोड़ने में ‘प्रगति कार्यक्रम’ की प्रेरक दीदी राधा की खास भूमिका रही। राधा ने पिंकी को समझाया और उनके परिवार से भी बात की। इसके बाद पिंकी ने प्रगति कैंप में जाना शुरू किया। बच्चों और घर के कामों के बीच वह पढ़ाई के लिए समय निकालती थीं। खाना बनाते समय या काम के बीच वह मोबाइल पर प्रगति कार्यक्रम के व्हाट्सएप चैटबॉट और वीडियो लेक्चर से पढ़ती थीं। उनकी यह मेहनत रंग लाई और 2026 में उन्होंने 10वीं की परीक्षा पास कर ली।
अब एमपी पुलिस और फैशन डिजाइनिंग का है लक्ष्य
10वीं पास करने के बाद पिंकी का आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया है। उन्होंने अब एमपी पुलिस में भर्ती के लिए फॉर्म भरा है। अगर पुलिस में उनका चयन नहीं होता है, तो वह फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करना चाहती हैं। पिंकी पिछले चार साल से सिलाई का काम भी कर रही हैं और गांव की महिलाओं के लिए डिजाइनर कपड़े, लहंगे और गाउन सिलती हैं। पहले 8वीं की मार्कशीट न होने के कारण वह फैशन डिजाइनिंग का कोर्स नहीं कर पाई थीं, लेकिन अब 10वीं की मार्कशीट आने के बाद उनके रास्ते खुल गए हैं। इसके साथ ही वह अब 12वीं की पढ़ाई भी पूरी करना चाहती हैं।
अपनी इस सफलता पर पिंकी कहती हैं, “अगर कोई लड़की मन लगाकर मेहनत करे, तो उसका हर सपना पूरा हो सकता है। बस उसे पढ़ाई कभी नहीं छोड़नी चाहिए।”
पिंकी की यह कहानी उन सभी महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है, जिन्हें लगता है कि शादी के बाद उनके सपने पूरे नहीं हो सकते।
प्रगति: दूसरा मौका, नई उड़ान
एजुकेट गर्ल्स का ‘प्रगति’ कार्यक्रम एक ‘सेकंड चांस’ प्रोग्राम है। यह कार्यक्रम उन किशोरियों और युवतियों (15 से 29 वर्ष) को शिक्षा का दूसरा मौका देता है, जिनकी पढ़ाई किसी कारण से बीच में छूट गई थी। ओपन स्कूलिंग के जरिए यह कार्यक्रम उन्हें कक्षा 10 की परीक्षा देने और उसे पास करने में मदद करता है। गांवों में ही लगाए जाने वाले ‘प्रगति शिविरों’ में प्रशिक्षित स्वयंसेवक और शिक्षक पढ़ाई में साथ देते हैं। इसके साथ ही जीवन कौशल, आत्मविश्वास और फैसले लेने की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाता है। यह कार्यक्रम राज्य ओपन स्कूलों के सहयोग से चलाया जा रहा है। एजुकेट गर्ल्स का लक्ष्य अगले दस वर्षों में एक करोड़ लड़कियों और महिलाओं को कक्षा 10 तक पहुंचाना है, ताकि वे आगे की पढ़ाई, रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकें।
धार की पिंकी ने 12 साल बाद फिर शुरू की पढ़ाई, 10वीं पासकर अब एमपी पुलिस में जाने का है सपना


